जल निगम पाइपलाइन से प्रभावित किसानों को न्याय की मांग
मैं ग्रामीण पेयजल परियोजना के महत्व को समझता हूँ, लेकिन विकास का भार केवल किसान पर नहीं पड़ना चाहिए। खेतों में गहरी खुदाई, मलबे और मिट्टी की उर्वरता पर पड़े प्रभाव के बाद मैंने प्रभावित किसानों के लिए निष्पक्ष आकलन, खेत की बहाली और उचित क्षतिपूर्ति की मांग उठाई।
खेत और आय पर प्रभाव
निर्माण मार्ग में आई खेती योग्य भूमि के हिस्से लंबे समय तक अनुपयोगी रहे और कुछ स्थानों पर मिट्टी की संरचना बदल गई। इससे फसल चक्र और परिवार की आय प्रभावित होने की शिकायतें सामने आईं।
दस्तावेज़ आधारित पैरवी
प्रभावित गांवों से जानकारी लेकर प्रशासन, परियोजना प्रबंधन और अधिकार संस्थाओं के समक्ष क्षतिपूर्ति का प्रश्न उठाया गया। उद्देश्य था कि काम के साथ किसान के नुकसान का निष्पक्ष आकलन भी हो।
संतुलित समाधान
पेयजल परियोजना समय पर पूरी हो और साथ ही खेत की बहाली, नुकसान का भुगतान तथा भविष्य के कार्यों में स्पष्ट सहमति प्रक्रिया लागू हो।
अभियान की झलकियाँ



