हाईटेंशन लाइन और टावर से प्रभावित किसानों के मुआवजे का संघर्ष
रामनगर और आसपास के गांवों में बिजली ट्रांसमिशन टावर तथा हाईटेंशन लाइन के कारण अनेक किसानों की भूमि और खेती प्रभावित हुई। मैंने प्रभावित किसानों के साथ मिलकर उचित मुआवजे, पारदर्शी निर्धारण और उनकी सहमति के अधिकार के लिए वर्षों तक आवाज़ उठाई।
समस्या का आधार
टावर का स्थायी ढांचा, लाइन के नीचे सुरक्षा संबंधी प्रतिबंध और निर्माण के दौरान फसल क्षति—इन सभी का असर किसान की आय और भूमि के उपयोग पर पड़ता है। प्रभावित परिवारों ने दस्तावेज़ और स्थानीय स्थिति के आधार पर न्यायपूर्ण भुगतान की मांग रखी।
संगठित प्रयास
ज्ञापन, प्रशासनिक संवाद और शांतिपूर्ण धरने के माध्यम से यह सवाल उठाया गया कि विकास परियोजना का भार केवल किसान क्यों उठाए। नियमों की जानकारी गांवों तक पहुँचाना और सभी प्रभावित किसानों को साथ जोड़ना अभियान का प्रमुख हिस्सा रहा।
मेरी मांग
प्रत्येक प्रभावित किसान का निष्पक्ष सर्वे, फसल और भूमि उपयोग की वास्तविक क्षति का आकलन तथा समयबद्ध मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
अभियान की झलकियाँ



